ताना-बाना
कथरी : एक देसी बिछावन
कथरी, न सिर्फ एक देसी बिछावन है बल्कि हमारी आत्मनिर्भरता का एक छोटा सा सुन्दर उदहारण भी है। इसे कहीं-कहीं "दसनी" भी कहते है। यह पुराने कपड़ों, चादरों और साड़ियों को आपस में परत-से -परत जोड़कर बनाई जाने वाली एक मोटी चादर जैसी होती है जिसका प्रयोग सामान्यतः बिछावन के रूप में किया जाता है। विशेषता पुराने समय में जब सोने-बिछाने के लिए गद्दे या चादर आसानी...